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जीना भी एक कला है
"जीना भी एक कला है" आत्म की वो आवाज है जब विभिन्न परिस्थितियों से गुजरते हुए जीवन के हर पहलू ,हर एहसास को मैंने महसूस किया और उसे कविता शायरी में पिरोया । जिंदगी तब तक साथ नहीं छोड़ती जब तक कि इंसान हौसला नहीं छोड़ता । "
जी चाहता है
ज़िंदगी हर इंसान के लिए एक ऐसा विषय है जो विचित्र विशाल है। पैदा होने के साथ जैसे जैसे उमर बढ़ती है इंसान की सोच और इच्छाएं दौड़ने लगती है। कभी जी अर्थात मन कुछ चाहता है तो कभी कुछ। परिस्थित बदलने के साथ सोच समझ और जरूरतें ,इच्छाएं नए नए रंग लेती है। इस तरह ज़िंदगी के अनेकों रंगों अनुभवों का एक गुलदस्ता तैयार हो जाता है। ऐसे ही कुछ अनुभावों को मैने अपनी इस पुस्तक "जी चाहता है " में पिरोया है। कभी मां की याद सताती है और इसकी गोद में सर रखने को जी चाहता है। तो कभी अपने प्रियतम से मिलने उसके साथ को जी चाहता है। कभी देश पर मर मिटने को जी चाहता है। ज़िंदगी भर पुर जीने को जी चाहता है।इस तरह समय समय पर इच्छाएं अपनी उड़ान भरती रहती है।
उमर कोई भी हो प्यार इंसान के जीवन की वो जरूरत है जिसके बिना इंसान अधूरा है। ये इंसान का बेसिक संस्कार है। रिश्ता कोई हो आधार प्यार ही होता है। मां बाप का औलाद से , बच्चों का माता पिता से ,दोस्त का दोस्त से , प्रेमिका का प्रियतम से , पति पत्नी ,भाई बहन हर रिश्ता प्यार और केवल प्यार पर आधारित है। देश के प्रति प्यार देशभक्ति कहलाता है। मुझे उम्मीद है कि मेरे पढ़ने,चाहने वालों को मेरी ये पुस्तक "जी चाहता है" पसंद आयेगी और वह अपनी रूह से इस पुस्तक के हर एक रंग से जोड़ पाएंगे। पाठकों के निरंतर स्नेह,प्यार और आशीर्वाद के लिए हृदय तल से आभार ।
रूह का नाता
"रूह का नाता" हर उस व्यक्ति को समर्पित है, जो प्यार, अमन के पथ पर अग्रसर है और जो मेरी रूह से जुड़े हैं।
जिंदगी की कहानियाँ
जिंदगी की कहानियाँ - केशी गुप्ता
रूह की आवाज
अपनी माँ, जननी निश्चिंत गुप्ता को सप्रेम समर्पित जिन्हें यह पुस्तक दिखा न सकी, जो एक फ़रवरी 2019 को इस नश्वर देह को त्याग परमात्मा में लीन हो गईं। अपनी बेटी श्रुति कलसी को आशीर्वाद और मंगलकामना के साथ कि वह कला क्षेत्र में शिखरों को छुए! पुस्तक का कवर उसी ने बनाया है।
परिप्रेक्ष्य
मेरी यह पुस्तक सभी भारतीय महिलाओं को समर्पित है। विशेष रूप से, मेरी नानी, स्वगीय भागवंती देवी गुप्ता मेरी माँ, स्वर्गीय निश्चित गुप्ता और मेरी बेटी, सुकुमारी श्रुति कलसी
कोरोना काल लॉकडाउन और सामाजिक पहलू
कोरोना काल लॉकडाउन और सामाजिक पहलू - केशी गुप्ता
कोरोना लॉकडाउन और सामाजिक पहलू दूसरी लहर
मेरी यह पुस्तक कोरोना लॉकडाउन और सामाजिक पहलू (दूसरी लहर) उन सभी परिवारों को समर्पित है जो इस महामारी से ग्रसित हुए तथा इस महामारी के कारण संसार को अलविदा कह गए।
Let Me Come Out
A child soul is so pure that he /she does not know the hypocrisy of the so-called social world. When I was a kid I always revolted about things which I don't like ,as customery to please others . My mom used to support me and had so much believe in me that she used to see me as a miracle girl or superwoman. She always encourage me to follow my own voice and paath.
Today people know me as a writer ,poetess and social activities. However I started writing at my childhood somewhere when I was in 5th standard. My mum was teacher and during festival and special occasions she used to write speech of few lines to greet the assembly. So I got inspired from her. I started pen down my views emotions on paper in the form of poetry. In growing age you have lot of questions and different emotions. So my diary filled with my soul voice and emotions of life different faces. I've always wanted to see the word in harmony and full of love. Though I am regular Hindi writer but on demand of international friends and readers I do write sometime in English. Till now 5 of my Hindi books got published and my articles , short stories ,poetry got published in many different local newspapers of different cities of India. By god grace Got awarded many times at different platforms.
This is my first ebook of English Poetry named "let me come out" I hope my readers will like it and shower their love and blessings on me.
Mulakat Zindgi Se
मेरी यह किताब मुलाकात जिंदगी से ज़िंदगी से जोड़े सभी रंगों का एक गुलदस्ता है। जो परमात्मा, प्यार ,मोहब्बत के अनेकों रूपों की कविताओं का संग्रह है। जो दर्शाती है कि किस तरह जीवन पथ पर चलते हुए ज़िंदगी से अचानक मुलाकात हो जाती है। ज़िंदगी जो हर पल इक नई करवट लेती है। ज़िंदगी के कुछ पल ऐसे होते हैं जिनमे कुछ लोग अपनी एक ऐसी अमिट छाप छोड़ जाते है जो अंतिम सांस तक आप के जहन में अपनी जगह बनाए रखती है।